Bill Gates Biography in Hindi: Success Story in Hindi – Der Digit

Bill Gates Biography in Hindi

नमस्कार दोस्तों, आज हम बात करेगे एक इसे व्यक्ति की जिसके बारे में आप सब लोग जानते ही होंगे लेकिन आज हम आपसे एसी ही रसप्रद जानकारी देंगे की आप बोल उठोगे वाह वाह..तो बने रहे Bill Gates Biography in Hindi में

तो आये जानते हे दुनिया के सबसे धनि व्यक्ति के बारे में जिसका नाम हे बिल गेट्स और आज हम जानेगे Bill Gates Biography in Hindi में जो आपको कुछ न कुछ नया जरुर सिखाएगी और जानेगे उसके फॅमिली, पर्सनल लाइफ, स्कूललाइफ, कोलेजलाइफ, प्रोफेसनललाइफ, सफलता, मोटीवेस्नल कोट्स वगेरे..

तो आये सुरु करते हे बिना किसी टाइम वेस्ट के Bill Gates Biography in Hindi और Bill Gates Success Story in Hindi आर्टिकल आपके लिए…

Bill Gates Family Information in Hindi:

पूरा नाम (Name) विलियम हेनरी गेट्स
जन्म (Birthday) 28 अक्टूबर, 1955, सीटल, वाशिंगटन, अमेरिका.
पिता (Father Name) विलियम एच गेट्स
माता (Mother Name) मैरी मैक्सवल गेट्स
पत्नी (Wife Name) मेलिंडा गेट्स, 1994
बच्चे (Children’s Name) रोरी जॉन गेट्स, जेनिफर कैथरीन गेट्स , फोवे अडले गेट्स
Bill Gates Biography in Hindi

Bill Gates History in Hindi: बिल गेट्स का बचपन, शुरुआती जीवन एवं शिक्षा के बारे में

Bill Gates Biography in Hindi

अपनी उदारता और दान करनेकी भावना के लिए पहचाने जाने वाले बिल गेट्स 28 अक्टूबर, 1955 को अमेरिका के वाशिंगटन के सीटल शहर में जन्में थे। उनके पिता विलियम एच गेट्स एक बहित  बड़े वकील थे.

SUCCESS STORY OF POLICY BAZAAR : YASHISH DAHIYA

और उनकी मां मैरी मैक्सवेल ”यूनाइटेड वे” की Bord of Director में से एक थी। बिल गेट्स के अलावा उनकी दो बहनें भी थे जो छोटी थी। बिल गेट्स के बचपन में उनका निक नाम था ट्रे.

बिल गेट्स बचपन से भी पढ़ने बहोत ही हुनहार स्टूडेंट थे और बहोत ही होसियार थे. उनकी शुरु से ही पढ़ने में काफी दिलचस्पी थी, वो घर में अकेले ही पढ़ा करते थे। लेकिन साल 1968 में बिल गेट्स का एडमिशन एक प्राइवेट स्कूल लेकसाइट स्कूल में करवा दिया गया।

Bill Gates School or College Life in Hindi

Bill Gates की School में बच्चों को जब Computer चलाना सिखाया जा रहा था, तभी से उनकी Interest कंप्यूटर की तरफ बढ़ने लगी और वे अपना पूरा समय कंप्यूटर के साथ ही बिताने लगे।

इसके बाद Bill Gates ने केवल 13 साल की छोटी सी उम्र में प्रोग्रामिंग पर अपनी पकड़ तेज कर ली और एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम बना दिया, जो कि ”Tic-Tac-Tow” के नाम से फेमस हुवा था। Bill Gates हाईस्कूल में पहुंचे तब उन्होंने स्कूल के सैलरी प्रदान करने का सॉफ्टवेर बना दिया था.

हालांकि, कुछ समय बाद Bill Gates और उनके मित्र पॉल दोनों ने मिलकर एक ”Traf-O-Data” प्रोग्राम बनाया जो कि Seattle City के Traffic Pattern पर नज़र रखता था और उसे बेहतर करने की कोशिश करता था. और Bill Gates की ये कोसिस के लिए उन्हें $20,000 मिले थे, और यही उनकी पहली कमाई(सैलरी) थी।

साल 1973 में Bill Gates ने अपनी स्कूल ख़तम करने के बाद उन्होंने हॉवर्ड कॉलेज में एडमिशन लिया। अपने कॉलेज में Bill Gates अपना ज्यादातर समय कंप्यूटर के साथ ही बिताते थे, फिर इसके बाद उन्होंने कॉलेज छोड़ ने का फेसला किया और अपने दोस्त एलन के साथ सॉफ्टवेर का बिज़नस करने का फैसला लिया।

माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना – Microsoft Established

दो साल कि कड़ी मेहनत बाद अंत में, साल 1975 में माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना हुई, जो कि आज दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन चुकी OS में है। हालांकि शुरुआत में यह माइक्रो-सॉफ्ट के नाम से जानी जाती थी।

RedBus Success story in Hindi : Phanindra Sama – Der Digit

उन्होंने शुरुआत में माइक्रोकंप्यूटर की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज ”बेसिक” नाम का प्रोग्राम बनाकर सफलता हासिल की और बादमे अन्य कंपनी के लिए प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और ऑपरेटिंग सिस्टम डेवलप करने लगे,जिसके चलते कुछ ही समय में उनकी माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी पहचान बना ली।

IBM से माइक्रोसॉफ्ट की डील – IBM and Microsoft Dealing

साल 1980 में IBM (इंटरनेशल बिजनेस मशीन) ने माइक्रोसॉफ्ट से IBM के नए PC (Personal Computer) के लिए बेसिक सॉफ्टवेयर बनाने की ऑफर दी। इस ऑफर के बाद बिल गेट्स की कंपनी ने आईबीएम के लिए PC Doc ऑपरेटिंग सिस्टम(OS) बनाया।

Windows Operating System Starting by Microsoft

बिल गेट्स ने 10 Nov, 1983 में माइक्रोसॉफ्ट विंडोज की Announcement कि और फिर इसके दो साल बाद 1985 में अपना पहला माइक्रोसॉफ्ट विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम (Windows os) लॉन्च किया। इसके बाद कुछ ही सालों में दुनिया के सभी पर्सनल कम्यूटर(PC) ने उनके इस OS Windows ने अपना कब्जा कर लिया।

World Richest Person Bill Gates: माइक्रोसॉफ्ट की सफलता

Bill Gates Biography in Hindi

माइक्रोसॉफ्ट ने अपने Windows OS के चलते सफलता की नई बुलिंदियों को छुआ। लगभग, पर्सनल कम्यूटर के करीब 90% शेयर विंडोज के नाम हो गए और उस टाइम के माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के सबसे बड़े शेयर होल्डर Bill Gates थे।

उसी कारन 1987 में करीब 32 साल की उम्र में वे दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत बन गए और फिर लगातार 11 साल वे दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने रहे।

साल 1989 में ”Microsoft Office” की शुरुआत की। जिसमें माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word), माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Microsoft Excel) समेत कई सॉफ्टवेयर एक साथ ही सिस्टम में चलाए जा सकते थे।

ये बहोत सारी सफलता के बाद बिल गेट्स ने साल 2000 में माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ पद से रिजाइन कर दिया एवं चेयरमैन बन गए और साल 2014 में उन्होनें चेयरमैन पद से भी रिजाइन कर दिया और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ के एडवाइजर के रुप में काम करने लगे.

फिर उन्होंने खुद को पूरी तरह गरीब, जरूरतमंदों और असहायों की Help करने एवं समाज कल्याण के काम में पूरी तरह से लग गए। वे अपनी करुणा, महानता और दरियादिली के लिए आज भी जाने जाते हैं।

Bill & Melinda Gates Foundation

बिल गेट्स और उनकी पत्नी मेलिंडा गेट्स ने मिलकर साल 2000 में गरीब, असहाय लोगों की मद्द के लिए बिल गेट्स एवं मेलिंडा फाउंडेशन की स्थापना की। उनका यह फाउंडेशन आज विश्व के सबसे बड़ी चैरिटी संस्थानों में से एक है।

बिल गेट्स को मिले अवार्ड्स – Bill Gates Awards

साल 2010 में बिल गेट्स और उनकी पत्नी मिलिंडा को उनके गरीब और जरूरतमंदों की सहायता के लिए भारत में चलाए जा रहे चैरिटी फाउंडेशन के लिए भारत सरकार ने पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था

उनके ये सेवा कार्यो के कारन और भी बहोत सारे अवोर्ड मिले जेसे की जेफ़र्सन अवार्ड , बोवेर अवार्ड ओर भी बहोत सारे अवोर्ड मिले.

Books of Bill Gates: बिल गेट्स द्धारा लिखी गई किताबें

  • द रोड अहेड (The Road Ahead)
  • बिजनेस @ द स्पीड ऑफ थॉट (Business @ The Speed Of Thought)

Facts about Bill Gates

Bill Gates Biography in Hindi
  1. केवल 13 वर्ष कि उम्र में ही अपना पहला Computer प्रोग्राम टिक-टैक-टो बनाया|
  2. बिल गेट्स का बचपन निक नेम “ट्रे” था|
  3. बिल गेट्स ने अपने बच्चो को केवल 10 मिलियन डॉलर ही दिए हैं बस उसके बाद बची हुई संपत्ति नहीं दी जाएगी
  4. बिल गेट्स की Favorite किताब “बिजनेस एडवेंचर” है|
  5. बिल गेट्स हर साल india आ कर india के गरीबों के लिए महत्वपूर्ण कार्य करते हैं.

10 Motivational Quotes of Bill Gates: Bill Gates Quotes In Hindi

Motivational Quotes of Bill Gates
  1. “इस दुनिया में किसी से भी अपनी तुलना न करें, यदि आप ऐसा करते हैं, तो आप अपना अपमान कर रहे हैं”
  2. “सफलता एक घटिया शिक्षक है। यह स्मार्ट लोगों को यह सोचने में मजबूर करता है कि वे हार नहीं सकते”
  3. “यदि आप गरीब पैदा हुए हैं तो यह आपकी गलती नहीं है, लेकिन यदि आप गरीब रहके ही मरे तो यह आपकी गलती है”
  4. “सफलता का जश्न मनाना ठीक है लेकिन असफलता के सबक लेना अधिक महत्वपूर्ण है”
  5. “आपके सबसे दुखी ग्राहक आपके सीखने का सबसे बड़ा स्रोत हैं”
  6. “जीवन सेमेस्टर में विभाजित नहीं है। आपको गर्मियों की छुटी नहीं मिलती है, और बहुत कम नियोक्ता आपकी मदद करने में रुचि रखते हैं। स्वयं को पाओ (Find yourself)”
  7. “मेरा मानना ​​है कि यदि आप लोगों को समस्याएं दिखाते हैं और आप उन्हें समाधान दिखाते हैं तो वे कार्य करने के लिए चले जाये देर ना करे”
  8. ”गरीबों की मदद करने वाले अमीरों का सामान्य विचार, मुझे महत्वपूर्ण लगता है”
  9. “उम्मीदें प्रथम श्रेणी के सत्य का एक रूप हैं, यदि लोग इसे मानते हैं, तो यह सच है”
  10. “हमारी सफलता वास्तव में शुरू से ही साझेदारी पर आधारित रही है”

बिल गेट्स का जीवन परिचय पढ़ कर आपको कुछ सिखने मिला हो या अच्छा लगा हो तो अपने मित्रों आदि में शेयर करना न भूलें, आपके लिये ऐसे ही प्रसिद्ध लोगों की जीवनियाँ लाते रहेगे, Bill Gates Biography in Hindi पढने के लिए आपका बहोत बहोत “धन्यवाद”

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JAY HIND

RedBus Success story in Hindi : Phanindra Sama – Der Digit

redbus success story in hindi

RedBus Success Story in hindi में आपको में पहले RedBus क्या हे वो बतादेता हु. Redbus एक Indian ऑनलाइन बस टिकटिंग (online bus ticket Site- RedBus) प्लेटफ़ॉर्म है जो अपनी Website, Android App, iOS के माध्यम से बस टिकट बुकिंग (Booking) की सुविधा प्रदान करता है वो भी आपके घर बेठे.

आज Redbus एक जाना मान नाम हे बुकिंग वेबसाइट में.लेकिन बहोत कम लोग जानते हे Redbus की सफलता को और Struggle को. इस लिए मुझे ये विचार आया की में आपको उसकी Inspiring RedBus Success Story बता ही देता हु.

ऑनलाइन टिकिट बुकिंग वेबसाइट ‘RedBus’ का सफर शुरू होता है 2005 से. जब  बेंगलुरू के टैक्सस इंस्ट्रूमेंट्स में काम करने वाले Phanindra Sama ने Diwali पर अपने घर हैदराबाद जाने का विचार किया।

SUCCESS STORY OF POLICY BAZAAR : YASHISH DAHIYA

बेंगलुरू में बहोत ट्रैफिक की वजह से वे वक्त पर टिकट हासिल नहीं कर पाए और उनकी बस छूट गई। परेशान होकर वे घर लौटे लेकिन साथ था वह आइडिया जिसने जिंदगी बदल दी। और वहासे स्टार्ट हुइ RedBus की Success Story.

Phanindra Sama Success Story: How to Start RedBus

RedBus Success story in Hindi

उस वक् ट्रेन, हवाई जहाज और होटल सब कुछ online बुक होता था लेकिन बस online बुक नहीं होती थी और जो होती थी उसमे भी बहोत कुछ खास काम नहीं था. Phanindra Sama ने महसूस किया कि मौजूदा बस बुकिंग विकल्पों में एक भी ऐसा नहीं जो यात्रियों को फैसला लेने में थोडा भी Help(मदद) करता हो।

अपना आईडिया उन्होंने दो दोस्तों Charan Padmaraju और Sudhakar Pasupunuri को e-mail पर बताया. तीनों ने मिले और बचत के पांच लाख रुपए से “RedBus” पोर्टल शुरू किया। जिस घर में वे रहते थे, उसका एक कमरा ऑफिस बना दिया।

रेडबस के स्टार्टिंग बाद इन्होंने कई ट्रैवल एजेंट्स(Travel Agent) से संपर्क किया लेकिन हर किसी ने इंकार कर दिया गया। 18 अगस्त 2006 को पांच सीटें बुक का आर्डर मिला. इन सीटों को बेचने की बेताबी में ये लोग आईटी कंपनियों के ऑफिस के बाहर खड़े रहते थे.

वहां के एम्प्लोय जब ब्रेक में बहार निकलते थे उस समय रेड बस का कार्ड्स बांटते थे। पांच ही दिन में सभी टिकट बिक गए और इसके बाद तो रेड बस का टिकट बुक करने का सिलसिला एसे चलपड़ा की फिर थमा ही नहीं।

SUCCESS STORY OF OYO ROOMS

Funding and Partnership of RedBus: RedBus Success Story in Hindi

RedBus Success story in Hindi

हमेसा पहली फंडिंग मिलना बहत मुश्किल होता हे लेकिन RedBus को करीब तीन करोड़ रुपए की फंडिंग मिली थी, और फाउंडर ने तो केवल तीस लाख रुपए ही चाह रहे थे। 2007 में पहली रकम इन्हें SeedFundने दी.

पूरी रकम तीन साल में मिलने वाली थी। कंपनी बनाकर इस रकम को बेहद समझदारी से इस्तेमाल किया गया फाउंडर के द्वारा। नया ऑफिस ख़रीदा फिर बस और टूर ऑपरेटर्स से 600 पार्टनरशिप्स के बाद इनका लगभग पूरे ट्रावेल मार्किट पर कब्जा था। 5500 रूट्स पर ये टिकट बुक करते थे। धीरे-धीरे करके पूरे देश इनकी वेबसाइट और अप्प में बुकिंग हो ने लगा।

कंपनी का Development इतना तेजी से हो रहा था, इस वजह से जो पैसा तीन साल में लगने वाले थे, वो डेढ़ साल में ही लगा दिए गये। इस वजह से थोडा और फंड के इंतजाम की कोशिश की गई।

इंडिया में मंदी का दौर था, तो जो Investor पैसा लेकर तैयार खड़े थे, वो अब बात करने को भी तैयार नहीं थे। बहोत कोशिशों के बाद जुलाई 2009 में इन्हें 2.5 मिलियन डॉलर की बहोत बड़ी फंडिंग मिल गई।

RedBus Success story in Hindi

इसने कंपनी को बहोत जबरदस्त Development हुआ। और फिर 2011 में, RedBus की Helion Venture Partners, Seedfund और Inventus Capital से 6.5 मिलियन डोलर का एक और फंड मिला.

2013 में, रेडबस को दक्षिण अफ्रीका के नैस्पर्स की सहायक कंपनी lbibo group द्वारा acquired किया गया था. अब यह “मेक माय ट्रिप’ लिमिटेड का हिस्सा भी है। 

Operation and Key person of RedBus.

Phanindra Sama  (Founder)
Charan Padmaraju (Co-Founder)
Sudhakar Pasupunuri (Co-Founder)
Prakash Sangam (CEO – Chief Executive Officer)
Anoop Menon (CTO – Chief Technical Officer)
Success Story of Redbus

RedBus Net worth and Brand Ambassador

RedBus Brand Ambassador: Mahendra Singh Dhoni
Parent Company : Ibobo Group
Networth of RedBus : 650 Crore Plus…
RedBus Success Story

ये RedBus Success story in Hindi आर्टिकल आपको केसा लगा आप हमे जरुर बताये कमेंट करे के और केसी लगी Phanindra Sama की story ये भी हमें बताये अगर आपके दिमाग में ऐसा कोई आईडिया हो तो उसे आप जरुर implement करे और वो भी जल्दी. धन्यवाद…

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JAY HIND    

SUCCESS STORY OF NAUKRI.COM – success story in Hindi

SUCCESS STORY

आज के समय में नोकरी पाना बहोत मुश्किल हो गया हे तो एसी मुश्किल को देखने के बाद कई लोग हार मान लेते हे और कई लोग उसे उतम तक समज कर उसी में लग जाते हे और बहोत बड़ा बिज़नस खड़ा कर देते हे तो आज हम जानेगे success story of naukri.com में एक एशी ही कहानी.

एक बिज़नसमेन का दिमाग हमेशा समस्याओं के पीछे के अवसरों के बारे में सोचता है. और इसके लिए रास्ता ढूंढता है.यह सब तब शुरू हुआ जब Sanjeev Bikhchandani ने  Hindustan Milkfood Manufacturers में अपनी कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी Best Part of Success Story.

तो आये जानते हे पूरी कहानी और success story ऑफ़ Naukri.com

·         Sanjeev Bikhchandani के जीवन के बारेमे.

·         Sanjeev Bikhchandani एजुकेशन केसा रहा.

·         Sanjeev Bikhchandani बिज़नस आईडिया केसे आया.

·         Sanjeev Bikhchandani success story of naukri.com / सक्सेस स्टोरी.

·         Sanjeev Bikhchandani Net Worth.

·         अवोर्ड और सन्मान

Sanjeev Bikhchandani के जीवन के बारेमे : success story of naukri.com

Success Story
success story

संजीव का जन्म Dilhi में हुआ था। और उनका परिवार मध्यम वर्गीय था.उनके पिता सरकारी डॉक्टर थे और मां हाउसवाइफ। संजीव के परिवार में कोई भी बिजनेसमैन नहीं रहा है।

Success story of Policy bazaar in Hindi

लेकिन संजीव ने काफी पहले तय कर रखा था कि वे खुद का काम जमाएंगे तभी से तय हो गया था की ये कुछ आपनी success story बनायेगे। लेकिन आम मिडिल क्लास फैमिलीज की तरह उनका परिवार भी चाहता था कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनें।

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इसी लिए संजीव की होने वाली पत्नी Surbhi नेस्ले में काम करती थीं। संजीव ने शादी से पहले ही उन्हें साफ-साफ बता दिया था कि मैं खुद का business ही करूँगा और परिवार का गुजारा तुम्हारी सैलरी पर चलेगा।

संजीव बिखचंदानी ने 12 साल की उम्र में ही अपने जीवन की दिशा तय कर ली थी। वे अपनी कंपनी चलाना चाहते थे जब की अधिकांश बच्चे नए खेल और खिलौनों के बारे में चिंता करते हैं, तो संजीव ने फैसला किया कि वह एक उद्यमी बन जाएगा

Sanjeev Bikhchandani एजुकेशन केसा रहा: success story of naukri.com

12वीं के बाद संजीव IIT के लिए चुन लिए गए थे। IIT में पढ़ना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन संजीव ने IIT में चुन लिए जाने के बावजूद Economics सब्जेक्ट के साथ BA किया।

इसका कारण यह था कि आईआईटी में तब उन्हें पांच साल लगते। उनकी प्लानिंग थी कि वे तीन साल में डिग्री कोर्स करें, फिर बचे दो साल में अपना काम करें और फिर IIM अहमदाबाद में पढ़ें।

Sanjeev Bikhchandani बिज़नेस आईडिया केसे आया : success story of naukri.com

Success Story
success story

Sanjeev Bikhchandani ने Carrer की शुरुआत Naukri से की। उनके ऑफिस में लोग खाली समय में Business India मैग्जीन पढ़ते थे। संजीव ने गौर किया कि लोग मैग्जीन को पीछे से पढ़ना शुरू करते थे। उसके लास्ट पेज में नई नौकरियों के बारे में Informations रहती थीं।

Success story of OYO Rooms in Hindi

“संजीव को यह समझ में आ गया कि सिर्फ बेरोजगार ही नहीं, कामकाजी लोग भी नई नौकरियों और नए अवसरों के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं” ये हे बिज़नस आईडिया एसे विचार से ही जिंदगी बदली जा सकती हे.

Sanjeev Bikhchandani ने सोचा कि लोगों को नई नौकरियों के बारे में जानकारी देने का काम शुरू किया जा सकता है। लेकिन तब तक उनके मन में Website शुरू करने का ख्याल नहीं था। दरअसल, वे इंटरनेट के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे।

और फिर वो एक दिन सन् 1996 में वे दिल्ली में आईटी एशिया नामक एग्जीबिशन में गए थे,  वहां WWW नाम से एक स्टॉल लगा था। संजीव स्टॉल के भीतर चले गए। संजीव ने उनसे पूछा कि यह WWW क्या होता है।

तब वहां खड़े व्यक्ति ने उन्हें इंटरनेट के बारे में बताया.  तब संजीव ने जाना कि इंटरनेट के माध्यम से कोई भी जानकारी दुनिया के किसी भी व्यक्ति तक पहुंचाई जा सकती है। उन्हें लगा कि लोगों को नई नौकरियों के बारे में बताने के लिए वे एक वेबसाइट शुरू कर सकते हैं।

Sanjeev Bikhchandani success Story / सक्सेस स्टोरी :

संजीव उन दिनों एक News Paper में कैरियर सप्लीमेंट के सलाहकार संपादक थे। उनकी पत्नी को दूसरा बच्चा होने वाला था, इसलिए वे नौकरी नहीं कर रही थीं। संजीव की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे Website के लिए खर्च कर सकें।

उन्होंने अपने बड़े भाई से वेबसाइट के लिए मदद मांगी। भाई ने वेबसाइट के Server के लिए पैसे दिए। इसके बदले संजीव ने उन्हें अपने काम में 5% का हिस्सेदार बनाया।

फिर उन्होंने अपने दोस्त अनिल से वेबसाइट बनवाई। इसके बदले में संजीव ने उन्हें 7% प्रतिशत का हिस्सेदार बनाया। इस तरह 1997 के मार्च महीने में Naukri.com की शुरुआत हुई।

वेबसाइट चलाने के बावजूद शुरुआत में 6 Month तक संजीव के पास इंटरनेट सुविधा नहीं थी। वे नौकरियों की जानकारी से संबंधित मैटर टाइप कराने के बाद फ्लॉपी में लेकर दोस्त के पास जाते और दोस्त उसे वेबसाइट पर Upload करते थे।

How To Start Blog

1997 से 2000 के दौरान संजीव की पत्नी नौकरी नहीं कर रही थीं। संजीव सुबह छह बजे उठते, सात बजे तक अपने दफ्तर पहुंचते। दोपहर 12 बजे तक वेबसाइट का काम करते, फिर अखबार के ऑफिस पहुंचकर आधी रात तक काम करते। यह रुटीन तीन साल तक रहा।

SUCCESS STORY OF NAUKRI.COM
SUCCESS STORY OF NAUKRI.COM

संजीव की वेबसाइट भारत के आम लोगों के लिए थी, इसलिए उसे खूब मीडिया कवरेज मिला। इस तरह वेबसाइट को मुफ्त में पब्लिसिटी मिल गई. इस तरह धीरे-धीरे वेबसाइट चल निकली। बाद में संजीव ने शादी को लेकर भी वेबसाइट्स शुरू की।

2012 में, कंपनी ने ब्लैकबेरी, एंड्रॉइड और आईफोन उपकरणों के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किए और कथित तौर पर 2013 में मोबाइल उपयोगकर्ताओं से इसका 23% ट्रैफ़िक प्राप्त किया.

Sanjeev Bikhchandani Net Worth :

Subcription और advertising दो तरीके हैं जिनसे वेबसाइट इनकम प्राप्त करती है। बड़ा इनकम सोर्से था 90 प्रतिशत भर्तियों (B-2-B) से है। 10 प्रतिशत आय स्रोत jobseeker services से हैं.

और भी कंपनी हे जेसे की Infoedge Pvt. Ltd & Indmark हे और भी बहोत सारी company में इन्वेस्ट किया हुआ हे. सभी की इनकम मिलके 4,285 Crore हे. ये हे SUCCESS STORY

Small scale business ideas in Hindi

अवोर्ड और सन्मान :

·         2006 – Received the Consumer Connect ‘Campaign of the Year’ award

·         2012 – Naukri.com has been recognized as the best classified website ऑफ़ India Digital Awards organized by the IAMAI.

·         2014 – Received the Best Website of the Year (WOTY) award in the career or education segment by Metrix lab.

ये आर्टिकल आपको केसा लगा आप मुझे जरुर बताएगा कमेंट में.

jay hind

Success Story of PolicyBazaar : Yashish Dahiya – Derdigit

SUCCESS STORY

आज ये SUCCESS STORY insurance से जुडी हुई हे. जीवन में आने वाली आपात स्थितियों के खिलाफ बीमाकृत होना हमेशा फायदेमंद रहता है. आपात स्थितियों के प्रबंधन के साथ बीमा आता है। Insurance भी एक अच्छा निवेश उपकरण है. ये हे Success Story of PolicyBazaar : Yashish Dahiya

आजे हम एसेही Insurance की पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट की Success Story of PolicyBazaar बताऊंगा. बीमा पॉलिसी ही हमें नुकसान से निपटने के लिए मदद करती हे और हम आगे बढ़ सकते हे ।

INSURANCE में क्या प्रॉब्लम आ रहे थे ? – Success story of Yashish Dahiya

जो Agent बीमा बेच रहे हैं, वो Customer की जरूरतों के अनुसार Policy प्रदान नहीं करते हे। वे जानबूझकर या अनजाने में Customer से आधी अधूरी माहित देते हे और कई लोग तो जानकारी छिपाते हैं. इसे ही एसी SUCCESS STORY बनती हे और एसे बड़े मार्केट प्रॉब्लम सोल्वे करने की जरुरत थी.

CORONA के बारेमे पढ़े

इस समस्या को हल करने के लिए किसी को तो सामने आना ही था और फिर Yashish Dahiya ने 2008 में PolicyBazaar की शुरूआत की । आज, PolicyBazaar आज भारत की सबसे बड़ी company हे जो सभी insurance company की policy को compare करती हे वो भी कीमत / गुणवता और अन्य प्रमुख विशेषताओं के आधार पर insurance को बेचती हे और सलाह देती हे.

Success Story of PolicyBazaar : Founder Yashish Dahiya

SUCCESS STORY
SUCCESS STORY

Yashish Dahiya ने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग में Degree की हुई हे 1994 में.  फिर IIM अहमदाबाद से मास्टर किया डिप्लोमा इन मैनेजमेंट 1996 में और INSEAD (2001) से MBA किया. उसके बाद as consultant जॉइन किया Bain&Co में.

बाद में वह ebookers.com में जॉइन किया मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट पर. और फिर 2005 में उन्होंने First Europa, Global Online insurance ब्रोकर की स्थापना की. और उस company को बहोत आगे बढ़ाया. और Yashish Dahiya एक रास्ट्रीय लेवल ले Swimmer भी हे. PolicyBazaar.com के मालिक Yashish Dahiyapaisabazaar.com के भी स्थापक और इन्वेस्टर हे.

विकीपीडिया के अनुसार, पॉलिसीबाजार टीम में लगभग 10,000 से ज्यादा कर्मचारी शामिल हैं. और PolicyBazaar और सभी Company की टोटल पूंजी 500 Million USD (अभी 3500+ करोड़) के आसपास पोहोच जाएगी 2020 में.

PolicyBazaar का Business Model क्या था? – Success story of yashish dahiya

PolicyBazaar का मेंईन 2 काम हे 1) Insurance policy के लिए Lead Generate करना और 2) Policy Direct सेल करना. और उसमे से वो कितना कमाते हे. उसका मेंईन काम हे lead लाना और उसमे से वो 85% कमाते हे और 15% डायरेक्ट policy सेल करके.

PolicyBazaar के Challenges क्या थी ?

पॉलिसीबाजार में सबसे बड़ी समस्या ग्राहक की निष्क्रियता हे,कई लोगों को अभी भी Insurance Agent से Insurance खरीदने की आदत है वो बड़ा प्रॉब्लम खड़ा करदेती हे एसी comapay के लिए.

SUCCESS STORY OF YOY ROOMS

PolicyBazaar के Competitors कोन हे?

BankBazaar, InsurancePandit, Acko CoverFox, PolicyAdvisor, EasyPolicy, जेसे बहोत सारी company पॉलिसीबाजार की बड़ी Competitors हे और वो बहोत सारी ऑफर्स देती रहती हे अपने कस्टमर को.

PolicyBazaar के साथ कोनसी insurance company काम करती हे?

अवीवा लाइफ इंश्योरेंस, बजाज आलियांज, एचडीएफसी एर्गो, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, लिबर्टी, जनरल इंश्योरेंस, मैक्स लाइफ, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस, TATA AIG, Future Generali, IFFCO-TOKIO, अपोलो म्यूनिख हेल्थ इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और 30 से ज्यादा comapay policybazaar की पार्टनर हे.

PolicyBazaar के Achievements क्या हे?

SUCCESS STORY
SUCCESS STORY

PolicyBazaar को भारत की सबसे बड़ी Insurance Aggregator से जाना जाता हे. PolicyBazaar में एक साल में 100 मिलियन visiter आते हे. एक महीने में लगभग 3 लाख सेल्स Transactions होते हे. और एक महीने में लगभग 15000 से ज्यादा policy सेल होती हे. online insurance company में 50% शेर हे policy में. यही तो असली Success Story हे

PolicyBazaar भविष्य में क्या करने वाली हे?

2020 तक अपने 1+ करोड़ unique ग्राहक बनाना हे. पॉलिसीबाजार को भी जल्द ही अपना आईपीओ लॉन्च करने की उम्मीद है.

SMALL SCALE BUSINESS IDEAS

ये SUCCESS STORY से क्या सीखे ?

ये सभी success story में एक चीज सभी में सामिल हे वो हे मार्केट के पप्रॉब्लम को जानना हे और बस उसे सोल्वे करना हे आपका काम हो गया आप मिलिओनेर बनगए.

Bhimshi Der
Water Business ideas in Hindi Click Image..

मेरा ये success Story of policy Bazaar and Yashish Dahiya आर्टिकल केसा लगा ? अगर अच्छा लगा तो मुझे कमेट में जरुर बताना यारो.

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JAY HIND

SUCCESS STORY OF OYO ROOMS OWNER RITESH AGARWAL – Der Digit

OYO ROOMS OWNER STORY IN HINDI

आज में आपको SUCCESS STORY बताऊंगा OYO ROOMS के OWNER रितेश अग्रवाल की वो भी हिंदी में , क्या आप यह विश्वास कर सकते हैं कि ऐसी उम्र में लोगो एषां ख्याल केसे आता होगा जब हम और आप ये उमर मे तो कॉलेज लाइफ एन्जॉय करते हे या करते होन्गे. और रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) ने तो इतनी बड़ी कंपनी खडी करदी.

और SUCCESS STORY में रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) के बारे में थोड़ी बैसिक बाते बता देता हु पहले. रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal)का जन्म 16 नवम्बर 1993 को उड़ीसा राज्य के जिले कटक बीसाम के एक व्यवसायिक परिवार में हुआ है. और उनके परिवारमें माता पिता और तिन भाई बहेन हे.

बड़ा बिसनेस करने का जूनून तो उसके खून में ही था क्यों की उनके पिता जी का व्यवसाय Infrastructure Corporation में मिलकर कम करते थे.

रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) Education : SUCCESS STORY

रितेश ने आपना प्राइमरी एजुकेशन उनके ही जिल्ले की Scared Heart School ही ख़तम की और 12मी के बाद वो IIT की तयारी क लिए KOTA चले गए. और वह पर पड़ने के बाद वो बहोत साडी जगह पर फ्रेंड के साथ में घुमने जाया करते थे.

और वहा पर रहके उन्हें एक किताब भी लिखी जिसका नाम हे – Indian Engineering Collages : A complete Encyclopedia of Top 100 Engineering Collages.

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रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) को YOY ROOMS बिज़नस आईडिया केसे आया ?

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उन्ही समय में वो एक प्रोजेक्ट के लिए वो कोटा से बॉम्बे जाते हे और वह पर थोडे समय रुकते हे और मुंबई में उसे रहने के लिए बहोत ही एवरेज रूम मिलता हे और रेट बहोत ही हाई देना पडता था. और वहासे उसे YOY ROOMS का स्टार्टउप आईडिया आता हे और उसे इम्प्लेमेंत करनेम ने लग जाते हे इस लिए तो बनती हे SUCCESS STORY.

नोट : कभी आपको प्रोब्लेम दिखाई दे तो उसे सोल्वे करने का आईडिया आना चाहिए और उसे तुरंत ही इम्प्लेमेंट सोच कर टाइम बर्बाद न करे और यही बेस्ट पार्ट ऑफ़ SUCCESS STORY OF OYO ROOMS ये आर्टिकल का.

Bhimshi Der

रीतेश अग्रवाल कीबिज़नेस–यात्रा – Startup Journey of Ritesh Agarwal

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रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal)ने बिजनेस के बारे में सोचने और समझने का काम कम उम्र में ही सिख गए थे. उसी सोच के कारण वो जल्दी से आपना बिज़नस स्टार्टउप स्टार्ट कर पाए.

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और फिर उनसे तुरंत ही की अपनी पहली कंपनी oravel Stays की स्टार्टिंग की. कंपनी का उद्देश्य ट्रैवलर्स को छोटी या मध्य अवधि के लिए कम दामों पर कमरों को उपलब्ध करवाना था और जिसे कोई भी आसानी से online आरक्षित कर सकता हे।

कंपनी के Startup होने के कुछ ही महीनों के अंदर उन्हें Invest करने वाली कंपनी VentureNursery से 30 लाख का फंड भी प्राप्त हो गया। अब रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal) के पास अपनी oravel Stays कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए प्रर्याप्त पैसे थे.

लेकिन company को बिज़नस तो मिलरहा था लेकिन Customer को होटल की तरफ से अच्छी सर्विस नहीं दे पाते थे. उसी कारन company डाउन हो रही थी. और रीतेस ने सोचा की अब कुछ नयाही करना पड़ेगा.

फिर उसने वापसे रिसर्च करके स्टार्ट की अपनी OYO ROOMS नामकी कंपनी और OYO ROOMS का मुख्य उदेश्य या था की छोटी या मध्य अवधि के लिए कम दामों पर कमरों को उपलब्ध करवाना और वो भी बढ़िया वाल कुओलिटी के साथ.

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फिर उसकी company बहोत ही जल्दी ग्रो होने लागी और इन्वेस्टर भी मिलने लगे. और OYO ROOMS में INVEST के लिये बहोत सारी कंपनी आगई जेसे LIGHTSPEED VENTURE PARTNER / DSG CONSUMER PARTNERS / SEQUORA CAPITALS / GREENASK CAPITAL जेसी बहोत company ने इन्वेस्ट किया OYO ROOMS में.

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OYO ROOMS OWNER STORY IN HINDI रीतेश अग्रवाल (Ritesh Agarwal)

आज YOY ROOMS इंडिया की सबसे बड़ी Hospitality Service company हे. औरOYO ROOMS दुनिया के देशो में अपनी सर्विस दे रही हे जसे की नेपाल, UK, UAE, सऊदीअरेबिया, फिलिपीन, इंडोनेसिया, जापान और भी देसों में आपनी सर्विस डे रही हे.

और OYO ROOMS की आजकी तारीख में 7500 करोड़ की नेत्वोर्थ हे.

एक 21 साल के लड़के ने इतना बड़ा एम्पायर खड़ा कर दिया और आज दुनिया की बड़ी HOSPITALITY सर्विस कंपनी में अपना नाम उचा किया और इंडिया का नाम भी रोसन किया ये SUCCESS STORY OF OYO ROOMS OWNER RITESH AGARWAL केसा लगा मुझे जरुर बताना.

CORE PART ऑफ़ SUCCESS STORY OF OYO ROOMS का यह हे की आप कोई भी उम्र में BUSINESS खड़ा कर सकते हे बस आपको एक प्रोब्लेम मिलना चाहिए और उसे सोल्वे करना हे बस.

Bhimshi Der

तो आपमुझे कमेंट जरुर बताये की ये स्टोरी आपको केसी लगी और एसी स्टोरी से आप क्या सिख सकते हे यह भी कमेंट में बताना.

TOP BUSINESS IDEAS IN HINDI जरुर पढे !!!

यह SUCCESS STORY OF OYO ROOMS OWNER RITESH AGARWAL आर्टिकल पड़ने के लिए आपका बहोत बहोत धन्यवाद.

JAY HIND