SUCCESS STORY

आज के समय में नोकरी पाना बहोत मुश्किल हो गया हे तो एसी मुश्किल को देखने के बाद कई लोग हार मान लेते हे और कई लोग उसे उतम तक समज कर उसी में लग जाते हे और बहोत बड़ा बिज़नस खड़ा कर देते हे तो आज हम जानेगे success story of naukri.com में एक एशी ही कहानी.

एक बिज़नसमेन का दिमाग हमेशा समस्याओं के पीछे के अवसरों के बारे में सोचता है. और इसके लिए रास्ता ढूंढता है.यह सब तब शुरू हुआ जब Sanjeev Bikhchandani ने  Hindustan Milkfood Manufacturers में अपनी कॉर्पोरेट की नौकरी छोड़ दी Best Part of Success Story.

तो आये जानते हे पूरी कहानी और success story ऑफ़ Naukri.com

·         Sanjeev Bikhchandani के जीवन के बारेमे.

·         Sanjeev Bikhchandani एजुकेशन केसा रहा.

·         Sanjeev Bikhchandani बिज़नस आईडिया केसे आया.

·         Sanjeev Bikhchandani success story of naukri.com / सक्सेस स्टोरी.

·         Sanjeev Bikhchandani Net Worth.

·         अवोर्ड और सन्मान

Sanjeev Bikhchandani के जीवन के बारेमे : success story of naukri.com

Success Story
success story

संजीव का जन्म Dilhi में हुआ था। और उनका परिवार मध्यम वर्गीय था.उनके पिता सरकारी डॉक्टर थे और मां हाउसवाइफ। संजीव के परिवार में कोई भी बिजनेसमैन नहीं रहा है।

Success story of Policy bazaar in Hindi

लेकिन संजीव ने काफी पहले तय कर रखा था कि वे खुद का काम जमाएंगे तभी से तय हो गया था की ये कुछ आपनी success story बनायेगे। लेकिन आम मिडिल क्लास फैमिलीज की तरह उनका परिवार भी चाहता था कि वे डॉक्टर या इंजीनियर बनें।

Best Book on Blogging

इसी लिए संजीव की होने वाली पत्नी Surbhi नेस्ले में काम करती थीं। संजीव ने शादी से पहले ही उन्हें साफ-साफ बता दिया था कि मैं खुद का business ही करूँगा और परिवार का गुजारा तुम्हारी सैलरी पर चलेगा।

संजीव बिखचंदानी ने 12 साल की उम्र में ही अपने जीवन की दिशा तय कर ली थी। वे अपनी कंपनी चलाना चाहते थे जब की अधिकांश बच्चे नए खेल और खिलौनों के बारे में चिंता करते हैं, तो संजीव ने फैसला किया कि वह एक उद्यमी बन जाएगा

Sanjeev Bikhchandani एजुकेशन केसा रहा: success story of naukri.com

12वीं के बाद संजीव IIT के लिए चुन लिए गए थे। IIT में पढ़ना लाखों युवाओं का सपना होता है, लेकिन संजीव ने IIT में चुन लिए जाने के बावजूद Economics सब्जेक्ट के साथ BA किया।

इसका कारण यह था कि आईआईटी में तब उन्हें पांच साल लगते। उनकी प्लानिंग थी कि वे तीन साल में डिग्री कोर्स करें, फिर बचे दो साल में अपना काम करें और फिर IIM अहमदाबाद में पढ़ें।

Sanjeev Bikhchandani बिज़नेस आईडिया केसे आया : success story of naukri.com

Success Story
success story

Sanjeev Bikhchandani ने Carrer की शुरुआत Naukri से की। उनके ऑफिस में लोग खाली समय में Business India मैग्जीन पढ़ते थे। संजीव ने गौर किया कि लोग मैग्जीन को पीछे से पढ़ना शुरू करते थे। उसके लास्ट पेज में नई नौकरियों के बारे में Informations रहती थीं।

Success story of OYO Rooms in Hindi

“संजीव को यह समझ में आ गया कि सिर्फ बेरोजगार ही नहीं, कामकाजी लोग भी नई नौकरियों और नए अवसरों के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं” ये हे बिज़नस आईडिया एसे विचार से ही जिंदगी बदली जा सकती हे.

Sanjeev Bikhchandani ने सोचा कि लोगों को नई नौकरियों के बारे में जानकारी देने का काम शुरू किया जा सकता है। लेकिन तब तक उनके मन में Website शुरू करने का ख्याल नहीं था। दरअसल, वे इंटरनेट के बारे में कुछ भी नहीं जानते थे।

और फिर वो एक दिन सन् 1996 में वे दिल्ली में आईटी एशिया नामक एग्जीबिशन में गए थे,  वहां WWW नाम से एक स्टॉल लगा था। संजीव स्टॉल के भीतर चले गए। संजीव ने उनसे पूछा कि यह WWW क्या होता है।

तब वहां खड़े व्यक्ति ने उन्हें इंटरनेट के बारे में बताया.  तब संजीव ने जाना कि इंटरनेट के माध्यम से कोई भी जानकारी दुनिया के किसी भी व्यक्ति तक पहुंचाई जा सकती है। उन्हें लगा कि लोगों को नई नौकरियों के बारे में बताने के लिए वे एक वेबसाइट शुरू कर सकते हैं।

Sanjeev Bikhchandani success Story / सक्सेस स्टोरी :

संजीव उन दिनों एक News Paper में कैरियर सप्लीमेंट के सलाहकार संपादक थे। उनकी पत्नी को दूसरा बच्चा होने वाला था, इसलिए वे नौकरी नहीं कर रही थीं। संजीव की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वे Website के लिए खर्च कर सकें।

उन्होंने अपने बड़े भाई से वेबसाइट के लिए मदद मांगी। भाई ने वेबसाइट के Server के लिए पैसे दिए। इसके बदले संजीव ने उन्हें अपने काम में 5% का हिस्सेदार बनाया।

फिर उन्होंने अपने दोस्त अनिल से वेबसाइट बनवाई। इसके बदले में संजीव ने उन्हें 7% प्रतिशत का हिस्सेदार बनाया। इस तरह 1997 के मार्च महीने में Naukri.com की शुरुआत हुई।

वेबसाइट चलाने के बावजूद शुरुआत में 6 Month तक संजीव के पास इंटरनेट सुविधा नहीं थी। वे नौकरियों की जानकारी से संबंधित मैटर टाइप कराने के बाद फ्लॉपी में लेकर दोस्त के पास जाते और दोस्त उसे वेबसाइट पर Upload करते थे।

How To Start Blog

1997 से 2000 के दौरान संजीव की पत्नी नौकरी नहीं कर रही थीं। संजीव सुबह छह बजे उठते, सात बजे तक अपने दफ्तर पहुंचते। दोपहर 12 बजे तक वेबसाइट का काम करते, फिर अखबार के ऑफिस पहुंचकर आधी रात तक काम करते। यह रुटीन तीन साल तक रहा।

SUCCESS STORY OF NAUKRI.COM
SUCCESS STORY OF NAUKRI.COM

संजीव की वेबसाइट भारत के आम लोगों के लिए थी, इसलिए उसे खूब मीडिया कवरेज मिला। इस तरह वेबसाइट को मुफ्त में पब्लिसिटी मिल गई. इस तरह धीरे-धीरे वेबसाइट चल निकली। बाद में संजीव ने शादी को लेकर भी वेबसाइट्स शुरू की।

2012 में, कंपनी ने ब्लैकबेरी, एंड्रॉइड और आईफोन उपकरणों के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किए और कथित तौर पर 2013 में मोबाइल उपयोगकर्ताओं से इसका 23% ट्रैफ़िक प्राप्त किया.

Sanjeev Bikhchandani Net Worth :

Subcription और advertising दो तरीके हैं जिनसे वेबसाइट इनकम प्राप्त करती है। बड़ा इनकम सोर्से था 90 प्रतिशत भर्तियों (B-2-B) से है। 10 प्रतिशत आय स्रोत jobseeker services से हैं.

और भी कंपनी हे जेसे की Infoedge Pvt. Ltd & Indmark हे और भी बहोत सारी company में इन्वेस्ट किया हुआ हे. सभी की इनकम मिलके 4,285 Crore हे. ये हे SUCCESS STORY

Small scale business ideas in Hindi

अवोर्ड और सन्मान :

·         2006 – Received the Consumer Connect ‘Campaign of the Year’ award

·         2012 – Naukri.com has been recognized as the best classified website ऑफ़ India Digital Awards organized by the IAMAI.

·         2014 – Received the Best Website of the Year (WOTY) award in the career or education segment by Metrix lab.

ये आर्टिकल आपको केसा लगा आप मुझे जरुर बताएगा कमेंट में.

jay hind

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!