Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories

दोस्त स्वागत हे आपका इस आर्टिकल Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories में आज हम एसी 2 Moral stories जानेगे जिसे हमें Motivation मिल सकता हे और उसे हम जीवन में अपना सकते हे.

  1. एक मेढक की कहानी : Motivational stories
  2. बिना सोचे कोई काम मत करो : Moral stories

तो आये शुरू करते हे बिना किसी वक्त को बर्बाद किये Motivational Short Stories in Hindi वो भी अपनी भाषा हिंदी में.

1- एक मेढक की कहानी : Motivational stories in Hindi

Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories
Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories

एक गाव हुवा करता था जहा पर बहोत सारी नदिया बहती थी और वो गाव बड़ा खुश माहोल में था और वही पर नदी किनारे एक मेढक का पूरा group रहता था. और वो मेदक का पूरा group एक दिन जंगल की और जा रहा था.

और उसी टाइम में दो मेंढक एक गहरे गड्ढे में गिर गये और चिलाने लगे. तो वहा पर जो दूसरे मेंढकों ने देखा कि गढ्ढा बहुत गहरा है.

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खड़े के उपर वाले मेढक बोलने लगे  और चिल्लाने लगे ‘तुम दोनों मेढक इस गढ्ढे से नहीं निकल सकते, गढ्ढा बहुत गहरा है हम तुमारी कोई मदद नहीं कर सकते.

तुम दोनों इस खड़े से निकलने की उम्मीद छोड़ दो. तुम दोनों कभी बहार नहीं निकल सकते. Motivational Short Stories in Hindi

लेकिन वो दोनों मेढकों ने ऊपर खड़े मेंढकों की बात नहीं सुनी और गड्ढे से निकलने की लिए लगातार मेहनत की और उछलते रहे.

Main Part of Motivational Short Stories

बाहर खड़े मेंढक उन्हें लगातार समजाते रहे ‘तुम दोनों ऐसेही मेहनत कर रहे हो, तुम्हें हार मान लेनी चाहियें और बेठ जाना चाहिए, तुम नहीं निकल सकते, तुम हमारी बात मान लो, मेहनत मत करो, थक कर जल्दी मरजावोगे.

गड्ढे में गिरे दोनों मेढकों में से एक मेंढक ने उपरवाले मेंढकों की बात सुन ली और मान ली, और उछलना छोड़ कर वो निराश होकर एक कोने में जाके बैठ जाता हे. दूसरे मेंढक ने अपना काम जारी रखा और वो उछलता रहा जितना वो उछल सकता था. Moral Stories Reading ….

बहार खड़े सभी मेंढक उन्हें कहने लगे की भाई तुम हार मानलो तुमसे न हो पायेगा और वो लगातार कह रहे थे पर वो मेंढक शायद उनकी बात मान नहीं रहा था और सुन भी नहीं रहा था.Motivational Short Stories in Hindi

वो लगातार उछलता रहा और प्रयाश करता रहा और काफी कोशिशों के बाद वो बाहर आ गया और सभी मेंढक देख ते रह गए की ये केसे हो गया हमने तो बोला ता की या कभी बहार नहीं आ सकता हे.

तो group में से एक मेढक बोला की तुम हमारी बात क्यों नहीं सुन रहे थे, तो बहार निकला हुआ मेंढक बोलता नहीं हे लेकिन इशारे से संजय की में सुन नहीं सकता हु में बेहरा हु.

इसलिए वो किसी की भी बात नहीं सुन पाया. वो तो यह सोच रहा था कि सभी उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं. 

Moral Of The Story | Learning From The Story

1. जब भी हम बोलते हैं उनका असर हमारे आसपास के लोगों पर पड़ता है, इसलिए हमेशा सकारात्मक (Positive) बोलें. 

2. लोग चाहें जो भी कहें आप अपने आप पर पूरा विश्वास रखें.

3. कड़ी मेहनत के लिए हमेशा अलर्ट, अपने ऊपर विश्वास और सकारात्मक सोच से ही हमें सफलता और रिजल्ट मिलता है. 

2 – बिना सोचे कोई काम मत करो – Moral Story in Hindi

Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories
Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories

एक किसान ने अपने छोटे से खेत में एक नेवला पाल रखा था. नेवला होशियार चतुर और अपने मालिक के प्रति बहोत भाव रखता था. एक दिन किसान अपने काम से कहीं गया था.

किसान की जो पत्नी थी उसने अपने छोटे बच्चे को दूध पिला कर सुला दिया और वो वहा पर नेवले को छोड़ दिया था ओर वह गड़ा और रस्सी लेकर कुएं पर पानी भरने जाती हे.

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किसान की स्त्री के चले जाने पर वहां एक काला सांप बिल में से निकल आया | बच्चा निचे जमीं पर कपड़ा बिछाकर सुलाया हुआ था और सांप बच्चे की ओर ही आ रहा था. Moral Stories

नेवले ने देखा की साप बचेकी और ही जा रहा हे तो उसने सांप को काटकर टुकड़े-टुकड़े कर डाला और साप को मार दिया.Motivational Short Stories in Hindi

अब वो राह देख रहा था की बचेकी मा कब आये. जब किसान की स्त्री घड़ा भर कर लौटी उसने घर के बाहर दरवाजे पर नेवले को देखा.

Main Part of Moral Stories

और स्त्री समज गई की नेवले ने मेरे बचे को खा लिया हे तभी तो उसका मुख रक्त से लतपत हे, और वो सिन देख के उसको बहोत गुस्सा आया और वो पानी का धडा उसने नेवले पर पटक दिया और वो तड़प तड़प कर मर गया.Motivational Short Stories in Hindi

नेवले को मरने के बाद वो अपने घर में दोड कर जाती हे और उसने देखा कि उसका बच्चा सुख से सो रहा है, और वाही पर एक काला साप मरा पड़ा हुआ हे.

स्त्री को उसकी भूलको समज गई और दौड़ कर फिर नेवले के पास आई और नेवले को गोद में उठा कर वो जोर जोर से रोने लगी.

लेकिन अब उसके रोने से क्या फायदा ???

इसलिए कहा है – 

बिना विचारे जो करें, सो पाछे पछताए |

काम बिगारे आपनो, जग में होत हंसाय ||

Moral Of The Story | Learning From The Story

  1. जिंदगी में सारे निर्णय सोच समज कर ले ना की गुस्से में.
  2. गुस्से में लिया गिया निर्णय परिणाम बहोत खराब आ सकता हे.
  3. जल्दबाजी में लिए जनि वाले निर्णयसे बादमे पछताना पड़ेगा.

ये Motivational Short Stories in Hindi : Moral stories आर्टिकल आपको केसे लगा और ये story केसी लगी आप हमें जरुर वतायेगा कमेंट में. ये story पढ़ने के लिए आपका बहोत बहोत शुक्रिया

जय हिन्द

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